पलकों का घर तैयार सांवरे | Palko Ka Ghar Taiyar Saware | Upasana Mehta | Krishna Bhajan - Bhaktilok


पलकों का घर तैयार सांवरे | Palko Ka Ghar Taiyar Saware | Upasana Mehta | Krishna Bhajan - Bhaktilok



पलकों का घर तैयार सांवरे,

पलको का घर तैयार सांवरे,

मेरी अँखियाँ करे इंतजार सांवरे,

मेरी अँखियाँ करे इंतजार सांवरे,

पलकों का घर तैयार सांवरे।।


आँखों के असुवन जल से,

तेरे चरण पखारूंगा मैं,

पलको की कंघी से तेरे,

बाल सवारूँगा मैं,

मौका सेवा का दे एक बार सांवरे,

मौका सेवा का दे एक बार सांवरे,

पलको का घर तैयार सांवरे,

मेरी पलकों का घर तैयार सांवरे।।


पुतली के दरवाजे ऊपर,

पलको का है पहरा,

प्रेम है ये निस्वार्थ हमारा,

सागर सा है गहरा,

हम तेरे हुए तलबगार सांवरे,

हम तेरे हुए तलबगार सांवरे,

पलको का घर तैयार सांवरे,

मेरी पलकों का घर तैयार सांवरे।।


बड़े भाव से बड़े चाव से,

तेरा लाढ़ करेंगे,

जहाँ रखोगे कदम कन्हैया,

वही पे हाथ रखेंगे,

ख्वाहिश पूरी करो एक बार सांवरे,

ख्वाहिश पूरी करो एक बार सांवरे,

पलको का घर तैयार सांवरे,

मेरी पलकों का घर तैयार सांवरे।।