युद्ध काण्ड अध्याय 31 | 0 श्लोक

कुंभकर्ण वध पर रावण का शोक

कुंभकर्ण के वध का समाचार सुनकर रावण अत्यंत शोकाकुल होता है और अपने भाई के गुणों का स्मरण करता है।

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