युद्ध काण्ड अध्याय 3 | 0 श्लोक

रावण द्वारा विभीषण का अपमान

रावण अपनी मंत्रणा सभा में विभीषण की सीता लौटाने की सलाह को अस्वीकार करता है और उनका अपमान करता है। क्रोधित होकर वह विभीषण को निकाल देता है, जिसके बाद विभीषण राम की शरण में चले जाते हैं।