युद्ध काण्ड अध्याय 12 | 0 श्लोक

अंगद का रावण के पास दूत बनकर जाना

श्रीराम के आदेश पर अंगद लंका में दूत बनकर जाते हैं और रावण को अंतिम बार समझाने का प्रयास करते हैं। वीर अंगद रावण के दरबार में निडरता से धर्म का उपदेश देते हैं और युद्ध अथवा सीता की वापसी का विकल्प रखते हैं।