उत्तर काण्ड
अध्याय 97 | 0 श्लोक
वृत्र का वध
इंद्र और वृत्रासुर के बीच घमासान युद्ध होता है। अंततः इंद्र दधीचि की अस्थियों से बने वज्र से वृत्र का वध कर देते हैं, परंतु वृत्र के ब्राह्मण होने के कारण उन पर ब्रह्महत्या का पाप लग जाता है।
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