सुन्दर काण्ड
अध्याय 67 | 0 श्लोक
हनुमान् द्वारा कौए से संबंधित एक घटना का वर्णन
हनुमान जी लंका में सीता की खोज के दौरान एक विचित्र कौए से मिलते हैं। यह कौआ वास्तव में रावण का गुप्तचर था, जो हनुमान को भ्रमित करना चाहता था। हनुमान उसकी चालाकी को भाँप लेते हैं और उसे सबक सिखाते हैं। यह घटना हनुमान के विवेक, बल और भक्ति के मार्ग में आने वाली बाधाओं को पहचानने की क्षमता को दर्शाती है।
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