सुन्दर काण्ड अध्याय 50 | 0 श्लोक

हनुमान् द्वारा स्वयं को राम का दूत घोषित करना

अशोक वाटिका में सीता से भेंट के बाद, हनुमान जी उन्हें राम का संदेश सुनाते हैं और अपना परिचय देते हैं। वह बताते हैं कि वे राम के दूत हैं और सुग्रीव के मंत्री हैं। यह सुनकर सीता को विश्वास हो जाता है और वह अत्यंत प्रसन्न होती हैं।