सुन्दर काण्ड
अध्याय 49 | 0 श्लोक
हनुमान् द्वारा सुसज्जित रावण का दर्शन
राक्षसों द्वारा बंदी बनाकर लाए गए हनुमान को रावण के दरबार में प्रस्तुत किया जाता है। हनुमान वहाँ अलंकारों से सुसज्जित, तेजस्वी एवं दस मुखों वाले रावण को देखते हैं और उसके ऐश्वर्य एवं पराक्रम का मूल्यांकन करते हैं। वे रावण के दिव्य आसन, उसके मुकुट, कुण्डल एवं अस्त्र-शस्त्रों का वर्णन करते हैं। इस सर्ग में रावण के भव्य दरबार और उसकी वैभवशाली उपस्थिति का सजीव चित्रण है।
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