सुन्दर काण्ड
अध्याय 37 | 0 श्लोक
सीता की खुशी और दुःख
हनुमान जी के चले जाने के बाद, सीता माता खुशी और दुःख की मिश्रित भावनाओं में डूब जाती हैं। उन्हें राम का संदेश और चूड़ामणि मिलने की खुशी है, वहीं हनुमान के चले जाने और अपनी वर्तमान दशा का दुःख है। वे राम-लक्ष्मण के कल्याण की कामना करती हैं और आश्वस्त होती हैं।
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