किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 18 | 0 श्लोक
राम द्वारा वालि को धर्म का उपदेश
वालि के धर्मयुद्ध से विमुख होकर वध करने के आरोप पर राम द्वारा धर्म, राजधर्म एवं क्षत्रिय धर्म का विस्तृत उपदेश। राम वालि के पापों (सुग्रीव की पत्नी एवं राज्य हरण) का उल्लेख कर अपने कार्य को उचित ठहराते हैं। अन्त में वालि अपने अपराध स्वीकार कर राम की स्तुति करता है।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।