किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 15 | 0 श्लोक
तारा की सलाह
किष्किन्धाकाण्ड के पन्द्रहवें सर्ग में वालि की मृत्यु के पश्चात् उसकी पत्नी तारा का विलाप और फिर सुग्रीव को दी गई उनकी बुद्धिमत्तापूर्ण सलाह का वर्णन है। तारा राम की दिव्यता को स्वीकार करते हुए सुग्रीव को मैत्री का पाठ पढ़ाती हैं।
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