बाल काण्ड अध्याय 9 | 0 श्लोक

ऋष्यशृंग की कहानी

बाल काण्ड का नवम सर्ग ऋष्यशृंग ऋषि की अद्भुत जन्म कथा और उनके तपोबल का वर्णन करता है। यह सर्ग बताता है कि कैसे ऋष्यशृंग का जन्म हुआ, कैसे वे वन में तपस्या करते हुए बड़े हुए, और कैसे उन्होंने अपने तपोबल से अंग देश में वर्षा कराई। यह कथा राजा दशरथ के अश्वमेध यज्ञ के लिए ऋष्यशृंग को आमंत्रित करने की पृष्ठभूमि तैयार करती है।

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