बाल काण्ड अध्याय 76 | 0 श्लोक

परशुराम के गर्व का विनाश

बाल काण्ड का छिहत्तरवाँ सर्ग परशुराम और श्रीराम के बीच हुए संवाद का वर्णन करता है। सीता स्वयंवर में शिवधनुष के भंग होने के बाद क्रोधित परशुराम वहाँ पधारते हैं और राम को ललकारते हैं। यह सर्ग राम के धैर्य, विनम्रता और उनके विष्णु अवतार होने के रहस्य को उजागर करता है।

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