बाल काण्ड अध्याय 67 | 0 श्लोक

राम द्वारा धनुष भंग

बालकाण्ड का सड़सठवाँ सर्ग राम द्वारा शिव-धनुष के भंग का वर्णन करता है। राजा जनक के निमंत्रण पर आए हुए राजाओं और राजकुमारों के समक्ष वह अत्यंत भारी धनुष लाया जाता है। सभी राजा उसे उठाने में असफल हो जाते हैं, तब राम उसे सहजता से उठाकर प्रत्यंचा चढ़ाते हैं और इतना खींचते हैं कि धनुष टूट जाता है। इस घटना से सिद्ध होता है कि राम ही सीता के लिए योग्य वर हैं।

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