बाल काण्ड
अध्याय 64 | 0 श्लोक
विश्वामित्र और रम्भा
बाल काण्ड का चौंसठवाँ सर्ग विश्वामित्र की तपस्या में विघ्न डालने के इन्द्र के प्रयास का वर्णन करता है। तपस्या की अग्नि से भयभीत इन्द्र, अप्सरा रम्भा को विश्वामित्र की तपस्या भंग करने के लिए भेजते हैं। क्रोधित विश्वामित्र रम्भा को शाप दे देते हैं, लेकिन इस घटना से उनकी तपस्या में बाधा आती है और वे अपने क्रोध पर नियंत्रण न रख पाने के कारण पुनः तपस्या का संकल्प लेते हैं।
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