बाल काण्ड
अध्याय 53 | 0 श्लोक
शबला और विश्वामित्र
बाल काण्ड का तिरेपनवाँ सर्ग विश्वामित्र और शबला (कामधेनु) की कथा का वर्णन करता है। राजा विश्वामित्र ऋषि वसिष्ठ के आश्रम में शबला के प्रभाव को देखकर उसे पाने की इच्छा रखते हैं, परन्तु वसिष्ठ के इनकार करने पर बलपूर्वक ले जाने का प्रयास करते हैं। तब शबला अपनी शक्ति से विश्वामित्र की सेना का नाश कर देती है। यह सर्ग ब्रह्मतेज की महिमा और क्षत्रिय अहंकार के पतन को दर्शाता है।
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