बाल काण्ड अध्याय 46 | 0 श्लोक

दिति की तपस्या और इंद्र

बाल काण्ड का छियालीसवाँ सर्ग दिति की तपस्या और इंद्र द्वारा उनके गर्भ के ४९ मरुतों में विभाजन की कथा वर्णित है। यह कथा विश्वामित्र जी राम और लक्ष्मण को सुनाते हैं, जिसमें दिति के पुत्रेष्टि यज्ञ और इंद्र के छल का वृत्तान्त है।

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