बाल काण्ड अध्याय 44 | 0 श्लोक

भगीरथ के लिए ब्रह्मा का आशीर्वाद

बाल काण्ड का चतुश्चत्वारिंश सर्ग भगीरथ की घोर तपस्या और ब्रह्मा द्वारा उन्हें वरदान प्रदान करने का वर्णन करता है। राजा भगीरथ अपने पूर्वजों के उद्धार के लिए गंगा को स्वर्ग से पृथ्वी पर लाने हेतु कठोर तपस्या करते हैं। ब्रह्मा प्रसन्न होकर प्रकट होते हैं और उनकी इच्छा पूरी करने का आशीर्वाद देते हैं, साथ ही गंगा के वेग को धारण करने के लिए भगवान शिव का सहारा लेने का निर्देश देते हैं।

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