बाल काण्ड
अध्याय 42 | 0 श्लोक
भगीरथ की तपस्या
बाल काण्ड का बयालीसवाँ सर्ग राजा भगीरथ द्वारा गंगा को पृथ्वी पर लाने के लिए की गई कठोर तपस्या का वर्णन करता है। अपने पूर्वजों (सगर-पुत्रों) के उद्धार के लिए भगीरथ घोर तपस्या करते हैं। ब्रह्मा जी प्रसन्न होकर वरदान तो देते हैं, लेकिन गंगा के वेग को संभालने की चिंता व्यक्त करते हैं, जिसके फलस्वरूप भगीरथ भगवान शिव की आराधना करने का निश्चय करते हैं।
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