बाल काण्ड अध्याय 38 | 0 श्लोक

राजा सगर की कहानी

बाल काण्ड का अड़तीसवाँ सर्ग राजा सगर के वंश और उनके द्वारा किए गए अश्वमेध यज्ञ के अद्भुत वृत्तांत का वर्णन करता है। इसमें सगर के द्वारा इन्द्र द्वारा चुराए गए यज्ञ के घोड़े की खोज, उनके साठ हजार पुत्रों द्वारा पृथ्वी का खोदना, कपिल मुनि के क्रोध से उनका भस्म होना, और अंशुमान द्वारा घोड़े की पुनः प्राप्ति की कथा है।

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