बाल काण्ड
अध्याय 28 | 0 श्लोक
संहार की शक्तियों की शिक्षा
बालकाण्ड का अट्ठाईसवाँ सर्ग गंगा के अवतरण की पौराणिक कथा को विस्तार से प्रस्तुत करता है। राजा सगर के यज्ञ का अपहरण, उनके साठ हजार पुत्रों का कपिल मुनि के क्रोध से भस्म होना और अंशुमान द्वारा उनके उद्धार का प्रयास, तत्पश्चात भगीरथ द्वारा गंगा को पृथ्वी पर लाने का घोर तप इस सर्ग की मुख्य विषयवस्तु है। यह सर्ग विनाश (संहार) और उसके पश्चात मोक्ष प्रदान करने वाली शक्ति (गंगा) की शिक्षा देता है।
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