बाल काण्ड
अध्याय 10 | 0 श्लोक
ऋष्यशृंग और अंग देश
बाल काण्ड का दशम सर्ग ऋष्यशृंग के अंग देश में आगमन, राजा रोमपाद द्वारा उनका स्वागत, उनके तपोबल से वर्षा होने और अन्ततः राजा दशरथ से उनके सम्बन्ध की स्थापना का वर्णन करता है। यह सर्ग ऋष्यशृंग की कथा को पूर्ण करता है और उन्हें राजा दशरथ के अश्वमेध यज्ञ से जोड़ता है।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।