अयोध्या काण्ड
अध्याय 93 | 0 श्लोक
राम द्वारा मारीच का वध
अयोध्याकाण्ड के त्रिनब्बेवें सर्ग में रावण के कहने पर मारीच द्वारा स्वर्णमृग का रूप धारण करने, राम द्वारा उसका पीछा करने तथा अंत में मारीच के वध का वर्णन है। यह घटना सीता हरण की दिशा में पहला कदम सिद्ध होती है।
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