अयोध्या काण्ड
अध्याय 87 | 0 श्लोक
मारीच द्वारा रावण को समझाना
रावण वध के लिए मारीच की सहायता लेने उसके आश्रम जाता है। मारीच राम के पराक्रम का वर्णन कर रावण को समझाता है कि राम से शत्रुता मृत्यु का कारण बनेगी। वह रावण को इस दुष्कर्म से विरत होने की सलाह देता है।
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