अयोध्या काण्ड अध्याय 60 | 0 श्लोक

राम की पादुकाएँ भरत को सौंपना

अयोध्याकाण्ड का यह सर्ग भरत और राम के बीच चित्रकूट में हुए मार्मिक संवाद का वर्णन करता है। राम वनवास धारण करने पर अटल रहते हैं, जिससे निराश होकर भरत उनकी पादुकाएँ (खड़ाऊँ) प्राप्त करते हैं, जिन्हें वे अयोध्या ले जाकर सिंहासन पर स्थापित करते हैं और राम के प्रतिनिधि के रूप में नंदिग्राम में तपस्वी की तरह रहकर राज्य का संचालन करने का निर्णय लेते हैं।