अयोध्या काण्ड
अध्याय 45 | 0 श्लोक
भरद्वाज ऋषि से भरत का मिलन
भरत जब राम को वापस लाने के लिए वन जाते हैं, तो मार्ग में प्रयाग के समीप भरद्वाज ऋषि के आश्रम पर रुकते हैं। ऋषि भरद्वाज भरत का सत्कार करते हैं और राम के निवास स्थान चित्रकूट के बारे में बताते हैं।
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