अयोध्या काण्ड अध्याय 41 | 0 श्लोक

भरत का कौशल्या से मिलना

अयोध्या काण्ड के एकतालीसवें सर्ग में भरत के माता कौशल्या से मिलने का मार्मिक वर्णन है। राम के वनगमन और राजा दशरथ के स्वर्गवास के पश्चात भरत, माता कैकेयी से सत्य जानकर, अत्यन्त दुःखी होकर कौशल्या के पास जाते हैं और उनके पैरों पड़कर अपनी निष्कलंकता का प्रदर्शन करते हैं। कौशल्या का शोक, भरत की विवशता, तथा राम को लौटाने का भरत का दृढ़ संकल्प इस सर्ग का मुख्य विषय है।

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