अयोध्या काण्ड
अध्याय 30 | 0 श्लोक
गंगा पार करना
राम, लक्ष्मण और सीता गंगा नदी के तट पर पहुँचते हैं। वहाँ निषादराज गुह उनसे मिलते हैं और उनकी सेवा में तत्पर होते हैं। राम उनके प्रस्ताव को विनम्रतापूर्वक अस्वीकार करते हैं किन्तु उनकी मित्रता स्वीकार करते हैं। वे रात्रि वहीं एक वृक्ष के नीचे बिताते हैं, जहाँ लक्ष्मण जागरण करते हैं। प्रातःकाल वे गंगा पार करके वन में प्रवेश करते हैं।
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