अयोध्या काण्ड
अध्याय 25 | 0 श्लोक
राजा दशरथ का विलाप
अयोध्याकाण्ड के पच्चीसवें सर्ग में राजा दशरथ, राम के वनवास के पश्चात् अत्यन्त शोकाकुल होकर विलाप करते हैं। वे अपनी पत्नी कौशल्या को अपने दुःख का कारण बताते हैं और अपने पूर्वजन्म के एक पाप (श्रवण कुमार की हत्या) का स्मरण करते हैं, जिसके फलस्वरूप उन्हें पुत्र-वियोग का दण्ड मिला है। अन्ततः वे अपने प्राण त्याग देते हैं।
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