अयोध्या काण्ड अध्याय 24 | 0 श्लोक

अयोध्या में शोक

अयोध्या काण्ड का चौबीसवाँ सर्ग राम के वनगमन के पश्चात् अयोध्या नगरी और राजमहल में व्याप्त शोक का वर्णन करता है। राजा दशरथ विलाप करते हैं, नगर के निवासी राम के बिना अपने जीवन को सूना पाते हैं, और रानियाँ रुदन करती हैं। इसी शोक की अवस्था में राजा दशरथ अपने पूर्वकृत पाप (श्रवण कुमार वध) को स्मरण करते हैं, जो आगे उनकी मृत्यु का कारण बनता है।

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