अयोध्या काण्ड अध्याय 12 | 0 श्लोक

दशरथ का मोह और पश्चाताप

अयोध्याकाण्ड के बारहवें सर्ग में राजा दशरथ के करुण विलाप और उनके द्वारा किए गए पाप (श्रवण कुमार वध) के स्मरण का वर्णन है। पुत्र वियोग में व्याकुल राजा रात्रि में रानी कौशल्या से अपनी व्यथा बताते हैं और अंततः प्राण त्याग देते हैं।

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