अयोध्या काण्ड
अध्याय 105 | 0 श्लोक
सीता का विलाप
इस सर्ग में वनवास के दौरान सीता, राम के कष्टों और राजमहल के सुखों को याद करते हुए अत्यंत दुःखी होती हैं। वे अपनी व्यथा और विरह-वेदना को व्यक्त करती हैं, जिससे राम और लक्ष्मण भी भावुक हो जाते हैं।
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