अयोध्या काण्ड
अध्याय 101 | 0 श्लोक
रावण द्वारा सीता का हरण
इस सर्ग में रावण छलपूर्वक सीता का हरण करता है। मारीच माया मृग बनकर राम-लक्ष्मण को दूर ले जाता है, और रावण सन्यासी का वेश धारण कर सीता को पंचवटी से उठा ले जाता है। जटायु युद्ध करता है, पर रावण उसे घायल कर देता है।
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