अरण्य काण्ड अध्याय 71 | 0 श्लोक

कबंध का दाह संस्कार का अनुरोध

अरण्यकाण्ड के इस सर्ग में राम और लक्ष्मण, राक्षस कबंध से भिड़ते हैं। राम द्वारा उसकी भुजाएँ काटने पर कबंध अपने वास्तविक स्वरूप (गन्धर्व) में प्रकट होता है और राम से प्रार्थना करता है कि वे उसका दाह-संस्कार करें, जिससे उसे मुक्ति मिल सके। इसके बाद कबंध राम को सुग्रीव से मित्रता करने का परामर्श देता है।