अरण्य काण्ड
अध्याय 7 | 0 श्लोक
ऋषि सुतीक्ष्ण का आश्रम
अरण्यकाण्ड के सातवें सर्ग में भगवान राम, सीता और लक्ष्मण ऋषि सुतीक्ष्ण के आश्रम पहुँचते हैं। महर्षि सुतीक्ष्ण उनका अत्यंत आदर-सत्कार करते हैं और राम से उनके वनवास के उद्देश्य के बारे में पूछते हैं। राम पिता के वचनों का पालन करने की कथा सुनाते हैं। ऋषि सुतीक्ष्ण उन्हें आशीर्वाद देते हैं और आश्रम में निवास करने का आग्रह करते हैं।
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