अरण्य काण्ड अध्याय 59 | 0 श्लोक

लक्ष्मण को सीता का उलाहना और लक्ष्मण का प्रस्थान

अरण्यकाण्ड का उन्नीसवाँ सर्ग (59) सीता के आग्रह पर लक्ष्मण के राम की सहायता के लिए प्रस्थान और उनके कठोर वचनों का वर्णन करता है। सीता मायामृग का शब्द सुनकर व्याकुल हो जाती हैं और लक्ष्मण को जाने का आदेश देती हैं। लक्ष्मण के मना करने पर वे उन्हें कटु वचन कहती हैं, जिससे दुःखी होकर लक्ष्मण सीता को लक्ष्मण-रेखा खींचकर अभयदान देते हुए राम की खोज में निकल पड़ते हैं।

अध्याय के सभी श्लोक

इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।