अरण्य काण्ड अध्याय 52 | 0 श्लोक

जटायु और रावण का युद्ध (जारी)

अरण्यकाण्ड का बावनवाँ सर्ग जटायु और रावण के बीच हुए भीषण युद्ध का वर्णन करता है। रावण सीता का हरण करके आकाश मार्ग से जा रहा था, तब जटायु ने उसे रोका। इस सर्ग में उस भयंकर युद्ध का वर्णन है, जिसमें वृद्ध गृध्रराज जटायु ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए रावण से घोर संघर्ष किया।

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