अरण्य काण्ड
अध्याय 50 | 0 श्लोक
रावण का जटायु से सामना
अरण्यकाण्ड के पचासवें सर्ग में रावण द्वारा सीता हरण के समय जटायु के वीरतापूर्ण प्रतिरोध का वर्णन है। जटायु रावण को रोकने के लिए युद्ध करता है, परन्तु रावण उसके पंख काट देता है। यह सर्ग जटायु के असाधारण साहस एवं रामभक्ति को प्रदर्शित करता है।
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