अरण्य काण्ड
अध्याय 42 | 0 श्लोक
मारीच का स्वर्णमृग बनना
इस सर्ग में रावण के आदेश पर मारीच स्वर्णमृग का रूप धारण करता है ताकि राम को सीता से दूर ले जा सके और रावण सीता का हरण कर सके।
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