अरण्य काण्ड
अध्याय 36 | 0 श्लोक
रावण द्वारा मारीच से सहायता माँगना
अरण्यकाण्ड के छत्तीसवें सर्ग में रावण, मारीच के आश्रम में जाकर उससे सीता हरण की योजना में सहायता माँगता है। मारीच राम के पराक्रम का स्मरण दिलाकर मना करता है, किन्तु रावण के बलपूर्वक आग्रह और तिरस्कार के भय से अन्ततः मारीच सोने के मृग का रूप धारण करने को सहमत हो जाता है।
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