राधे बोलो तो सही
(Radhe Bolo to Sahi) – Nirgun Bhajan 2025
🎤 गायक: Unknown
✍️ गीत: Traditional
राधे बोलो तो सही
राधे बोलो तो सही
श्याम बोलो तो सही
बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
श्याम बोलो तो सही
बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो बिंदिया बन जाऊँगा
बिंदिया बन जाऊँगा माथे पर लग जाऊँगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही
बिंदिया बन जाऊँगा माथे पर लग जाऊँगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही
बोलो फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो गुलाल बन जाऊँगा
गुलाल बन जाऊँगा गालों में लग जाऊँगा
होली नहीं खेलोगे तो गुलाल बन जाऊँगा
गुलाल बन जाऊँगा गालों में लग जाऊँगा
बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलेगी तो चुनरी बन जाऊँगा
चुनरी बन जाऊँगा अंगों से लिपट जाऊँगा
होली नहीं खेलेगी तो चुनरी बन जाऊँगा
चुनरी बन जाऊँगा अंगों से लिपट जाऊँगा
बोलो तो सही राधे बोलो तो सही
बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो पायल बन जाऊँगा
पायल बन जाऊँगा पैरों में लग जाऊँगा
बोलो और फागुन में होली खेलोगे नहीं
होली नहीं खेलोगे तो पायल बन जाऊँगा
पायल बन जाऊँगा पैरों में लग जाऊँगा
🙏 भजन का अर्थ और संदेश
यह निर्गुण भजन राधा और श्याम (कृष्ण) के प्रेम और होली के पावन पर्व की खुशियों को व्यक्त करता है। भजन में होली के रंगों और उल्लास का वर्णन है और राधा और कृष्ण के प्रेम की गहराई को दर्शाया गया है।
भजन में होली के पर्व की धूमधाम और उमंग का वर्णन है और राधा और कृष्ण के प्रेम की अभिव्यक्ति है। भजन में होली के पर्व की खुशियाँ और उमंग का वर्णन है और राधा और कृष्ण के प्रेम की अभिव्यक्ति है।
🎵 गायक: Unknown
यह भजन परंपरा से चला आ रहा है और इसका गायक अज्ञात है। इस भजन को भजंगंगा द्वारा प्रकाशित किया गया है।