झूठे को झूठा मिले दूंणा बंधे सनेह दोहे का अर्थ(Jhoothe Ko Jhootha Mile Duna Bandhe Sneh Dohe Ka Arth in Hindi):-
झूठे को झूठा मिले, दूंणा बंधे सनेह
झूठे को साँचा मिले तब ही टूटे नेह ।
झूठे को झूठा मिले दूंणा बंधे सनेह दोहे का अर्थ(Jhoothe Ko Jhootha Mile Duna Bandhe Sneh Dohe Ka Arth in Hindi):-
जब झूठे आदमी को दूसरा झूठा आदमी मिलता है तो दूना प्रेम बढ़ता है। पर जब झूठे को एक सच्चा आदमी मिलता है तभी प्रेम टूट जाता है।
