दुःख में सुमिरन सब करे दोहे का अर्थ(Dukh Me Sumiran Sab Kare Dohe Ka Arth in Hindi) :-
दुःख में सुमिरन सब करे, सुख में करे न कोय ।
जो सुख में सुमिरन करे, तो दुःख काहे को होय ।
दुःख में सुमिरन सब करे दोहे का अर्थ(Dukh Me Sumiran Sab Kare Dohe Ka Arth in Hindi):-
दुःख में हर इंसान ईश्वर को याद करता है लेकिन सुख में सब ईश्वर को भूल जाते हैं। अगर सुख में भी ईश्वर को याद करो तो दुःख कभी आएगा ही नहीं।
