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अस कहि कपि गद गद भयो भजन लिरिक्स (As Kahi kapi gad gad bhayo lyrics in Hindi) - Mangal Bhavan Amangal Haari - Bhaktilok

269 पाठकों ने पढ़ा | लेखक: Deepak Kumar Bind
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हरि भक्ति का दिव्य संग्रह: अस कहि कपि गद गद

इस भजन का पाठ करने से मन में सच्चे भक्ति भाव का संचार होता है।

अस कहि कपि गद गद भयो, भज मन राम हरि। हरि के गुण गाओ, हरि के गुण गाओ। याद करो जब तुम सिया राम की, तब सुख हो तुम्हारे। राम का नाम लेते ही मिट जाओ अकाल मृत्यु के। जय जय जय राम, बिन सिया सो मत भज। जय जय जयराम, सिया राम सो करता भज। हरि के गुण गाओ, हरि के गुण गाओ। तेरा नाम लूँ मैं हृदय से, जैसे चाँद बिन नीर। तू ही हरि, तू ही राम, तू ही माँ, तू ही पिता। हरि का गुण गाना, सब दुःख भुलाना। हरि से बढ़ कर कोई न, हरि से बढ़ कर कोई न। अस कहि कपि गद गद भयो, भज मन राम हरि।

🙏 विस्तृत अर्थ और भावार्थ

इस भजन का मूल विषय भगवान राम और श्री हरी की भक्ति है। 'अस कहि कपि गद गद भयो' के माध्यम से भजनकार भक्तों का ध्यान एकाग्र करके हरि के गुणों की महिमा गाने के लिए प्रेरित करता है। ‘हरि के गुण गाओ’ का बार-बार आवाहन करते हुए, भजन हमें यह सिखाता है कि कैसे भगवान के नाम का जाप और उनकी लीलाओं का स्मरण हमारी आत्मा को शुद्ध और शांत रखता है। यहाँ, हरि की महिमा का गुणगान कर भक्त भगवान से जुड़ने और उनके दिव्य गुणों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा ले रहा है। इसे गाते समय मन की भक्ति, प्रेम और श्रद्धा का प्रवाह बहुत महत्वपूर्ण है, जिससे भक्त का हृदय सहजता के साथ हरि में लीन होता है।

भजन में भावार्थ यह है कि जब भक्त राम का नाम लेते हैं तो उनका दुःख-दर्द समाप्त हो जाता है। 'याद करो जब तुम सिया राम की' पंक्ति से यह इंगित किया जाता है कि शुद्धता और भक्ति के साथ जब हम प्रभु का ध्यान करते हैं, तब हमारे जीवन की सभी कठिनाइयाँ समाप्त हो जाती हैं। भजन के माध्यम से भक्त का संकल्प बनता है कि जो कोई भी भक्ति भाव से भगवान राम का नाम लेता है, वह अकाल मृत्यु से भी मुक्त हो जाता है। हर पंक्ति में थिरकती प्रेमा का अनुभव होता है, जिसमें भक्त एक नए रूप में हरि को पाहना चाहता है और उनके दिव्य गुणों में लिपटा रहता है।

इस भजन में भक्ति मार्ग की गूढ़ता को उजागर किया गया है। भक्ति का अर्थ है उस भाव में स्थिर रहना जिसमें एक भक्त अपने इष्ट के साथ अटूट संबंध अनुभव करता है। 'तू ही हरि, तू ही राम' का अभिव्यक्ति हमें बताता है कि सृष्टि के कण-कण में भगवान निवास करते हैं। भक्ति का मार्ग केवल आत्मसाक्षात्कार नहीं, बल्कि समाज की भलाई के लिए भी है। इसलिए, जब हम 'हरि का गुण गाना' करते हैं, तो हम न केवल अपने लिए, बल्कि समस्त संसार के कल्याण के लिए प्रार्थना कर रहे होते हैं। यह भक्ति की गहराई हमें सिखाती है कि हर वस्तु का मूल है प्रेम।

🔍 विशेष महत्त्व और लाभ

यह भजन भारतीय संस्कृति और धार्मिक ग्रंथों में एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है। रामायण में भगवान राम की आदर्शता और उनके चरित्र की महानता पर विस्तृत वर्णन है। इस प्रकार, इस भजन का पाठ न केवल हृदय को पवित्र करता है, बल्कि यह रामायण में वर्णित सिद्धांतों और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्मृति भी कराता है। भक्तों के लिए, यह एक उपकरण है जो उनकी पूजा और ध्यान में गहराई लाता है और भक्ति के मार्ग को सरल बनाता है। भगवान के प्रति प्रेम और श्रद्धा को यह भजन दरशाता है और भक्त को ईश्वर के करीब लाता है।

सनातन संस्कृति के विभिन्न व्रत, उपवास और त्यौहारों की सही तिथियों के लिए सनातन कैलेंडर २०२६ तथा दैनिक पंचांग का अवलोकन अवश्य करें। इस भजन का नियमित पाठ मानसिक शांति और स्थिरता प्रदान करता है। व्यस्त जीवन में तनाव को कम करने में मदद मिलती है। इसके अलावा, यह आध्यात्मिक भावना को जागृत करता है और ईश्वर के प्रति दृढ़ विश्वास को मजबूती प्रदान करता है। इससे भक्त के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का संचार होता है।

🕒 साधना एवं गायन विधि

इस भजन का पाठ सुबह के समय या संध्या के समय किया जा सकता है। पूजा स्थल पर शुद्धता का ध्यान रखना चाहिए, साथ ही एक दिया जलाना और कुछ फूल अर्पित करना उचित रहता है। ध्यान के लिए स्वच्छ और शांत वातावरण चुनें। भजन का पाठ करते समय मन में भगवान के प्रति श्रद्धा और समर्पण का भाव रखें।

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

इस भजन का मुख्य संदेश क्या है?

इस भजन का मुख्य संदेश है भगवान राम की भक्ति का महत्व और उनके गुणों का गान करना, जिससे भक्तों को शांति और सुख प्राप्त होता है।

भजन के माध्यम से हम किन भावनाओं को अनुभव कर सकते हैं?

भजन का पाठ करने से भक्त प्रेम, श्रद्धा, और आंतरिक शांति का अनुभव करते हैं, जो उन्हें भगवान के निकट लाने में सहायता करता है।

क्या यह भजन मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है?

हां, इस भजन का गायन मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी है क्योंकि यह तनाव को कम करता है और सकारात्मक भावनाओं को जाग्रत करता है।

विश्वसनीय धार्मिक एवं आध्यात्मिक जानकारी

यह सामग्री भक्तिलोक संपादकीय टीम द्वारा उपलब्ध धार्मिक स्रोतों, प्रकाशित संदर्भों और परंपरागत पाठों की तुलना के आधार पर तैयार एवं समीक्षा की गई है। जहाँ पाठ के विभिन्न संस्करण उपलब्ध हैं, वहाँ संबंधित संस्करण या स्रोत का उल्लेख किया जाता है।

समीक्षित एवं सत्यापित अंतिम अद्यतन: 02 Sep 2026

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