राम का राज्याभिषेक
वशिष्ठ और अन्य ऋषियों द्वारा राम का विधिवत राज्याभिषेक किया जाता है। सीता का पट्टाभिषेक होता है। सभी वानर और राक्षस उपहार प्राप्त करते हैं।
विवरण
अयोध्या में राम के प्रवेश के पश्चात राज्याभिषेक की तैयारियाँ प्रारंभ होती हैं। गुरु वशिष्ठ राम, सीता, लक्ष्मण, भरत और शत्रुघ्न को स्नान कराते हैं। मंगल कर्मकांड संपन्न होते हैं। राम को सिंहासन पर बिठाया जाता है और सीता का राज्याभिषेक होता है। सुग्रीव, हनुमान, विभीषण आदि सभी को बहुमूल्य उपहार दिए जाते हैं। समस्त प्रजा आनंदित है। यह सर्ग रामराज्य की स्थापना का प्रतीक है।
📖 श्रीमद्वाल्मीकीय रामायण – युद्धकाण्ड – सर्ग ८९
(राम का राज्याभिषेक)
🔆 प्रस्तावना : राम के अयोध्या आगमन के बाद अब उनका राज्याभिषेक होने जा रहा है। गुरु वशिष्ठ के निर्देशन में समस्त तैयारियाँ पूर्ण हो चुकी हैं। यह सर्ग राम और सीता के भव्य अभिषेक का वर्णन करता है, जो चौदह वर्षों के वनवास के अंत और धर्मराज्य की स्थापना का प्रतीक है।
🛕 श्लोक १-५ : राज्याभिषेक की तैयारी और मंगलाचरण
रामस्याभिषेकार्थं च पौरान् आहूय सत्वरम्॥
स्वस्ति वाच्य द्विजैः सर्वैः मङ्गलालापपूर्वकम्।
सिंहासनं महार्हं च कारयामास शिल्पिभिः॥
सर्वं नगरमालोक्य सम्भारान् समुपाहरत्।
रत्नानि विविधानि च वासांसि विविधानि च॥
👑 श्लोक ६-१० : राम और सीता का अभिषेक
वशिष्ठः प्रयतो भूत्वा अभ्यषिञ्चद्विधानतः॥
सर्वे देवाः समागम्य प्रीयमाणाः सवासवाः।
ददुस्ते राज्यमव्यग्रं रामायाक्लिष्टकर्मणे॥
सीतापि कनकाभासा लक्ष्मीवद्रूपधारिणी।
अभिषिक्ता तदा राज्ञी रामेण सह भामिनी॥
🎁 श्लोक ११-१५ : वानरों और राक्षसों को उपहार
ददौ रामः परान् भोगान् मणिरत्नानि भूरिशः॥
विभीषणाय धर्मज्ञो लङ्काराज्यमथाददात्।
प्रीतिपूर्वकमत्यर्थं रामः सत्यपराक्रमः॥
हनूमते च यत्नेन ददौ रामः परंतपः।
आभरणानि मुख्यानि वासांसि विविधानि च॥
🔍 सर्ग का गूढ़ार्थ एवं विशेष महत्त्व
👑 राज्याभिषेक का महत्त्व
राम का राज्याभिषेक केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि धर्म की स्थापना का प्रतीक है। यह बुराई पर अच्छाई की विजय का उत्सव है।
🙌 मित्रों का सम्मान
राम ने सुग्रीव, विभीषण और हनुमान को उचित सम्मान देकर यह संदेश दिया कि सच्चे मित्र ही राज्य की नींव होते हैं।
🕊️ रामराज्य की अवधारणा
यह सर्ग रामराज्य की स्थापना का साक्षी है, जहाँ प्रजा सुखी, धन-धान्य से परिपूर्ण और न्यायपूर्ण शासन होता है।
🌟 सीता का स्थान
सीता का राम के साथ राज्याभिषेक होना यह दर्शाता है कि राम राज्य में पत्नी का भी उतना ही महत्व है। वे लक्ष्मी के अवतार हैं।
🎯 शिक्षा : इस सर्ग से हमें यह शिक्षा मिलती है कि सच्चा राजा वही है जो अपने कर्तव्यों का पालन करे, मित्रों का सम्मान करे और प्रजा के कल्याण के लिए सदैव तत्पर रहे। रामराज्य का आदर्श आज भी प्रासंगिक है।