सुन्दर काण्ड
अध्याय 1 | 0 श्लोक
हनुमान का समुद्र के पार उड़ान भरना
सुन्दरकाण्ड का प्रथम सर्ग हनुमान द्वारा समुद्र पार करने के संकल्प एवं उनकी अद्भुत छलांग का वर्णन करता है। वानर सेना के निराश होने पर जाम्बवान हनुमान को उनकी शक्तियों का स्मरण दिलाते हैं। हनुमान अपने रूप को विशाल करते हैं, मैनाक पर्वत से आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और समुद्र के पार उड़ान भरते हैं। रास्ते में सुरसा नागमाता की बाधा, छायाग्रही राक्षसी से मुठभेड़ और मैनाक पर्वत द्वारा विश्राम का निमंत्रण जैसी घटनाएँ घटती हैं। अन्त में हनुमान लंका पहुँचकर रात्रि में नगरी का अवलोकन करते हैं।
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