किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 9 | 0 श्लोक
वालि की शक्ति
किष्किन्धाकाण्ड के नवें सर्ग में सुग्रीव, भगवान राम को वालि के अद्वितीय बल, पराक्रम और उसे प्राप्त वरदान का विस्तार से वर्णन करते हैं। वह बताते हैं कि वालि युद्ध में किस प्रकार अजेय है और उसने दुंदुभि नामक महाराक्षस का वध करके अपने बल का परिचय दिया था।
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