किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 7 | 0 श्लोक
मैत्रीपूर्ण संवाद
किष्किन्धाकाण्ड के सातवें सर्ग में भगवान श्रीराम और वानरराज सुग्रीव के बीच मैत्री का अटूट बन्धन स्थापित होता है। सुग्रीव अपने भाई बाली के अत्याचारों का वर्णन करते हैं और श्रीराम उन्हें बाली का वध करने का आश्वासन देते हैं। अग्नि को साक्षी मानकर दोनों मित्रता का वचन लेते हैं।
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