किष्किन्धा काण्ड
अध्याय 11 | 0 श्लोक
दुन्दुभि की घटना
किष्किन्धाकाण्ड के ग्यारहवें सर्ग में सुग्रीव, राम को वाली की अद्भुत शक्ति का परिचय देते हुए दुन्दुभि नामक राक्षस की कथा सुनाते हैं। दुन्दुभि एक महाशक्तिशाली असुर था जिसने वाली को युद्ध के लिए ललकारा था। वाली ने उसे परास्त कर उसके शरीर को फेंक दिया था, जिसके रक्त की बूंदें मतंग ऋषि के आश्रम पर गिरीं, जिससे ऋषि ने शाप दे दिया। राम अपनी शक्ति प्रदर्शित करने के लिए उस दुन्दुभि के कंकाल को पैर की अंगुली से उठाकर बहुत दूर फेंक देते हैं।
अध्याय के सभी श्लोक
इस अध्याय में अभी कोई श्लोक उपलब्ध नहीं है।