बाल काण्ड
अध्याय 61 | 0 श्लोक
विश्वामित्र की तपस्या और शुनःशेप
बाल काण्ड का इकसठवाँ सर्ग विश्वामित्र द्वारा राम-लक्ष्मण को शुनःशेप आख्यान सुनाने का वर्णन करता है। इसमें राजा अम्बरीष के यज्ञ में शुनःशेप के बलि होने की कथा, विश्वामित्र द्वारा उसे दिए गए मन्त्र तथा उसके उद्धार की घटना का वर्णन है। इस कथा के फलस्वरूप विश्वामित्र ब्रह्मर्षि पद को प्राप्त होते हैं।
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